
Desk ASR
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तेज प्रताप यादव की पार्टी जन जागरण दल (JJD) के एक वरिष्ठ नेता पर पुलिस बहाली के नाम पर युवाओं से वसूली करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप सामने आते ही पार्टी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित नेता को तत्काल प्रभाव से उसके पद से हटा दिया है।
मामला सामने आने के बाद पीड़ित युवाओं ने दावा किया कि उनसे पुलिस भर्ती में नौकरी लगवाने का झांसा देकर मोटी रकम वसूली गई। कई युवाओं ने ऑडियो, चैट और लेन-देन से जुड़े सबूत होने की बात भी कही है। शिकायत मिलते ही मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से फैल गया, जिससे पार्टी की छवि पर सवाल उठने लगे।
जन जागरण दल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी नेता को पद से हटाया गया है और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उसे पार्टी से निष्कासित भी किया जा सकता है।
वहीं विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर तेज प्रताप यादव और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि यह मामला बताता है कि किस तरह युवाओं की मजबूरी और बेरोजगारी का फायदा उठाया जा रहा है। साथ ही मांग की जा रही है कि पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच की जा रही है। यह मामला न सिर्फ JJD बल्कि बिहार की राजनीति में भी नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है, जहां युवाओं से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
