
अपनी अलग पहचान और बेबाक अंदाज़ के लिए चर्चित आरजेडी विधायक गौतम कृष्ण एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कभी विधानसभा में चप्पल पहनकर पहुंचने, तो कभी ऑटो से विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने वाले महिषी विधानसभा क्षेत्र के विधायक इस बार सहरसा में आयोजित चंडी महोत्सव के दौरान नाराज नजर आए। मौका था सरकारी कार्यक्रम का, जहां अपनी बारी आने पर उन्हें मंच से बोलने का अवसर नहीं दिया गया।
जानकारी के अनुसार, सहरसा में आयोजित भव्य चंडी महोत्सव में कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जब वक्ताओं को मंच से संबोधित करने का क्रम चल रहा था, तब विधायक गौतम कृष्ण को उम्मीद थी कि उन्हें भी अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। लेकिन जब उनका नाम नहीं पुकारा गया और कार्यक्रम आगे बढ़ गया, तो विधायक मंच के पास ही असहज और नाराज दिखाई दिए।
विधायक गौतम कृष्ण ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, खासकर तब जब कार्यक्रम पूरी तरह सरकारी हो। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें प्रतिनिधि चुनकर भेजा है और ऐसे में उनकी आवाज को अनसुना करना न केवल अपमानजनक है, बल्कि लोकतंत्र की भावना के भी विपरीत है।
इस घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बन गया। विधायक समर्थकों ने भी नाराजगी जताते हुए इसे जानबूझकर की गई अनदेखी करार दिया। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम की समय-सीमा और पूर्व निर्धारित सूची का हवाला दिया गया, लेकिन विधायक की नाराजगी कम नहीं हुई।
गौरतलब है कि गौतम कृष्ण पहले भी अपने सादगी भरे और आम आदमी से जुड़े अंदाज़ को लेकर चर्चा में रहे हैं। इस ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और सम्मान को लेकर व्यवस्थाएं कितनी संतुलित हैं। फिलहाल यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
