
प्राथमिक शिक्षकों के वरिष्ठ, संघर्षशील एवं सर्वमान्य नेता श्री बृजनन्दन शर्मा का आज दुःखद निधन हो गया। उन्होंने अपने सुपुत्र, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार के पटना स्थित आवास, 15 हार्डिंग रोड पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही शिक्षक समाज, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
स्वर्गीय बृजनन्दन शर्मा का अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे दीघा घाट पर पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और शुभचिंतक उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। बृजनन्दन शर्मा को बिहार में प्राथमिक शिक्षकों के आंदोलन का सबसे मजबूत स्तंभ माना जाता था। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षकों के अधिकार, सम्मान और सेवा शर्तों के लिए संघर्ष में समर्पित कर दिया। कठिन परिस्थितियों में भी वे शिक्षकों की आवाज बने रहे और शिक्षक आंदोलनों को संगठित एवं प्रभावी स्वरूप प्रदान किया। उनकी नेतृत्व क्षमता और संघर्षशीलता के कारण ही वे शिक्षकों के सबसे बड़े नेता के रूप में प्रतिष्ठित हुए।
स्वर्गीय शर्मा जी के पीछे एक सशक्त सामाजिक एवं राजनीतिक विरासत वाला परिवार है। उनके सुपुत्र अरुण कुमार जहानाबाद से सांसद रह चुके हैं, जबकि उनके दो पौत्र ऋतुराज कुमार (घोषी) एवं रोमित कुमार (अतरी) वर्तमान में बिहार विधानसभा के विधायक हैं। उनका परिवार सामाजिक सेवा और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
उनके निधन को शिक्षक समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। कई संगठनों और नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बृजनन्दन शर्मा का जाना एक युग का अंत है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।
