पटना से जदयू से जुड़ी एक अहम और चर्चित खबर सामने आ रही है। जनता दल यूनाइटेड के कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी और प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर जदयू कार्यकर्ताओं ने 12 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इस विरोध का मकसद साफ है—मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाने की मांग।
धरना स्थल पर जुटे कार्यकर्ताओं का कहना है कि जदयू इस समय एक नए नेतृत्व और नई ऊर्जा की जरूरत महसूस कर रही है। उनका मानना है कि निशांत कुमार पढ़े-लिखे, समझदार और जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं। यदि वे राजनीति में कदम रखते हैं तो पार्टी को एक नई दिशा और मजबूती मिल सकती है।
भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पार्टी के भविष्य को सुरक्षित करने की कोशिश है। कार्यकर्ताओं का तर्क है कि निशांत कुमार के आने से युवाओं का भरोसा जदयू में और मजबूत होगा और संगठन को नई धार मिलेगी।
धरना स्थल पर लगातार नारेबाजी भी की जा रही है और पार्टी नेतृत्व से इस मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की जा रही है। कार्यकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी भूख हड़ताल शांतिपूर्ण है और 12 घंटे तक चलेगी, ताकि पार्टी और सरकार तक उनकी आवाज मजबूती से पहुंचे।
फिलहाल जदयू नेतृत्व या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जरूर तेज हो गई है कि क्या निशांत कुमार भविष्य में सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनेंगे।
अब देखना दिलचस्प होगा कि जदयू कार्यकर्ताओं की इस भूख हड़ताल का पार्टी नेतृत्व पर क्या असर पड़ता है और क्या यह मांग किसी बड़े राजनीतिक फैसले की ओर इशारा करती है।


