
बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के सख्त बयानों और “समय की कीमत” पर दी गई नसीहतों के बावजूद उनके ही विभाग के अधिकारी आदेशों के अनुपालन में नाकाम दिख रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण रोहतास जिले के सासाराम प्रखंड अंतर्गत धौडाँड़ पंचायत का है, जहां पंचायत सरकार भवन का निर्माण पूरा होने के बावजूद अब तक पंचायत प्रतिनिधियों को हस्तांतरित नहीं किया गया है।
यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि धौडाँड़ पंचायत पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की माँ और सासाराम सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक स्नेहलता कुशवाहा के क्षेत्र में आता है। कुशवाहा बहुल इस पंचायत में करीब पांच करोड़ 22 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति के बाद दो करोड़ पांच लाख रुपये से अधिक की लागत से पंचायत सरकार भवन का निर्माण किया गया है। भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को भवन हस्तांतरण का प्रस्ताव भी भेज दिया।
इसके बाद जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने सासाराम प्रखंड के पंचायती राज पदाधिकारी और स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण प्रमंडल के सहायक अभियंता को संयुक्त जांच कर प्रतिवेदन देने का आदेश दिया था। आदेश के मुताबिक तकनीकी जांच के बाद भवन को पंचायत के हवाले किया जाना था, लेकिन एक पखवारा बीतने के बावजूद आदेश पर अमल नहीं हो सका।

इस देरी को लेकर पंचायत के मुखिया जय शंकर शर्मा और उप प्रमुख सरस्वती देवी में आक्रोश है। उप प्रमुख सरस्वती देवी ने व्यक्तिगत रूप से मंत्री से मुलाकात कर मामला उठाया, लेकिन नतीजा अब तक शून्य है। बताया जा रहा है कि भवन निर्माण विभाग और पंचायती राज विभाग के बीच आपसी समन्वय की कमी के कारण मामला अटका हुआ है।
हाल ही में मंत्री दीपक प्रकाश सासाराम दौरे पर भी थे, लेकिन पंचायत सरकार भवन का मुद्दा उनके संज्ञान में नहीं आ सका। अब देखना दिलचस्प होगा कि मंत्री की माँ के विधानसभा क्षेत्र में स्थित यह पंचायत सरकार भवन आखिर कब पंचायत प्रतिनिधियों को सौंपा जाता है।
