प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है। ताजा घटना में 10 से अधिक टेंट जलकर पूरी तरह राख हो गए। आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका, लेकिन मौके पर मौजूद दमकल विभाग की टीमें लगातार पानी की बौछारें डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी रहीं। आग की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और पूरे इलाके को एहतियातन सील कर दिया गया, ताकि आग अन्य शिविरों तक न फैल सके।

गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार शाम को भी माघ मेले में भीषण आग लग गई थी। उस घटना में 15 टेंट और लगभग 20 दुकानें जलकर राख हो गई थीं। आग इतनी भयावह थी कि करीब तीन किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। अचानक लगी आग से कल्पवासियों में अफरातफरी मच गई थी और लोग अपने सामान को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे थे।
ताजा हादसे के दौरान मौके पर 10 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और 10 एंबुलेंस तैनात की गईं। करीब 30 से अधिक दमकल कर्मी और राहतकर्मी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगे हुए हैं। पुलिस, प्रशासन और संत समाज के लोग भी बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग शिविर में जल रहे दीये की वजह से लगी। दीये से निकली चिंगारी ने फूस और कपड़े से बने टेंट को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद आग तेजी से आसपास के शिविरों में फैल गई। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारी के अनुसार, इस बार केवल दो टेंट में आग लगी, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
प्रशासन ने माघ मेले में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम और सख्त करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
