पटना जिले के चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या 14/26 की जांच को और अधिक गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा निर्णय लिया है। दिनांक 09 जनवरी 2026 को दर्ज इस कांड, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 115(2), 76, 109 और 3(5) के तहत दर्ज है, के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी अब पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), केन्द्रीय क्षेत्र, पटना को सौंपी गई है।
मामले के त्वरित और प्रभावी उद्भेदन के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन का भी आदेश दिया गया है। एसआईटी का गठन पुलिस महानिरीक्षक, केन्द्रीय क्षेत्र, पटना द्वारा किया जाएगा। इस टीम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक, नगर पूर्वी करेंगे। टीम में एक महिला पुलिस उपाधीक्षक, एक पुरुष पुलिस उपाधीक्षक, एक महिला पुलिस निरीक्षक तथा एक पुरुष पुलिस निरीक्षक को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आवश्यकता के अनुसार पुलिस अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक एवं सिपाही स्तर के अधिकारियों को भी एसआईटी में शामिल किया जा सकेगा।
पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक स्वयं इस कांड के अनुसंधान की निगरानी करेंगे और प्रतिदिन जांच की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी गठन के बाद मामले से जुड़े सभी पहलुओं की नए सिरे से जांच की जाएगी। साक्ष्यों के संकलन, तकनीकी विश्लेषण और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाई जा सके।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि उच्चस्तरीय निगरानी और विशेष टीम के गठन से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इस मामले को लेकर लोगों की नजरें अब एसआईटी की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

