बिहार के वैशाली जिले से सामने आए एक जघन्य हत्याकांड ने प्रशासन और पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया है। दहेज प्रताड़ना के आरोप में नवविवाहिता सरिता प्रकाश की हत्या कर उसका शव सारण जिले में फेंके जाने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। इस वारदात में एक दारोगा की गाड़ी के इस्तेमाल की बात सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।


जानकारी के अनुसार, करीब नौ महीने पहले शादी के बंधन में बंधी सरिता प्रकाश की हत्या वैशाली जिले के करताहा स्थित उसके ससुराल में की गई। आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष लंबे समय से उसे प्रताड़ित कर रहा था। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए मुजफ्फरपुर में तैनात 2018 बैच के दारोगा संतोष कुमार रजक की स्कॉर्पियो में डालकर सारण जिले के हरिहरनाथ ओपी क्षेत्र के चिड़िया बाजार में मृतका के मायके के पास रात के अंधेरे में फेंक दिया गया।
बताया जा रहा है कि शव को इस तरह छोड़ दिया गया कि कुत्तों के भरोसे छोड़कर आरोपी फरार हो गए। जिस स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया गया, वह पॉल्यूशन फेल बताई जा रही है। सारण पुलिस ने दारोगा की उक्त स्कॉर्पियो को वैशाली जिले के लालगंज स्थित उसके ससुराल से बरामद किया है। दारोगा के ससुर प्रमोद बैठा लालगंज के पूर्व मुखिया रह चुके हैं।
फिलहाल संतोष कुमार रजक मुजफ्फरपुर के पानापुर ओपी में तैनात हैं और इससे पहले हाजीपुर नगर थाना समेत कई थानों में लंबे समय तक पोस्टिंग कर चुके हैं। इस मामले में सारण पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी सारण नीलेश कुमार शनिवार शाम सोनपुर पहुंचे और जांच की समीक्षा की। वहीं जदयू प्रवक्ता सह विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि आरोपी चाहे कोई भी हो, कार्रवाई जरूर होगी। दूसरी ओर विपक्ष ने दारोगा की गाड़ी के इस्तेमाल को लेकर सरकार और पुलिस पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
