पटना। सरस्वती पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में एक बार फिर उनके पुत्र निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाने की मांग खुलकर सामने आई। जदयू आईटी सेल कार्यालय में हुए कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सीधे तौर पर निशांत कुमार से राजनीति में आने का आग्रह किया, जिससे बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को हवा मिल गई।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को जदयू आईटी सेल कार्यालय पहुंचे, जहां उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार पहले से मौजूद थे। उन्होंने पिता के पहुंचते ही पांव छूकर प्रणाम किया। मुख्यमंत्री ने आत्मीय अंदाज में उनसे बातचीत की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने निशांत के समर्थन में नारे भी लगाए।
निशांत कुमार ने आईटी सेल के कार्यकर्ताओं से घुलमिल कर बातचीत की और पूजा-अर्चना में भाग लिया। कार्यक्रम का माहौल उस वक्त और राजनीतिक हो गया, जब ललन सिंह ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में निशांत से कहा—“अब मान जाइए, राजनीति में आ जाइए।” जदयू नेता छोटू सिंह ने भी इस मांग को दोहराया। हालांकि, नीतीश कुमार और निशांत कुमार ने इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन दोनों की मुस्कान को कई राजनीतिक संदेशों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि करीब 15 वर्षों में पहली बार निशांत कुमार की इस तरह की सार्वजनिक और राजनीतिक सक्रियता ने उत्तराधिकार और भविष्य की राजनीति को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है। खासकर ऐसे समय में, जब जदयू संगठन और नेतृत्व को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेहरू पथ स्थित आईएएस कॉलोनी में पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त अशोक कुमार सिन्हा के आवास पर आयोजित सरस्वती पूजा समारोह में भाग लिया। फिर वे 10 स्ट्रैंड रोड पहुंचे, जहां पूजा के दौरान उन्होंने प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
