राजद (राष्ट्रीय जनता दल) में आज से तेजस्वी युग की औपचारिक शुरुआत होने की प्रबल संभावना है। पटना में आज आयोजित होने जा रही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा पर मुहर लग सकती है। इस बैठक को राजद के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

पिछले वर्ष लालू प्रसाद यादव के दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी की राष्ट्रीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी गठन के बाद यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पहली औपचारिक बैठक है, जिस पर पूरे देश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं। बैठक पटना के एक बड़े होटल में आयोजित की जा रही है, जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्य, विभिन्न प्रदेश इकाइयों के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, विधायक और विधान परिषद के सदस्य शामिल हो रहे हैं।
बैठक का उद्घाटन स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव करेंगे। हालांकि, लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य को लेकर लंबे समय से चिंताएं बनी हुई हैं। डॉक्टरों की सख्त सलाह के चलते उनकी सार्वजनिक गतिविधियां काफी सीमित हो गई हैं। ऐसे में पार्टी के संगठनात्मक और राजनीतिक कामकाज को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, बैठक में शामिल होने के लिए 20 से अधिक प्रदेशों के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शनिवार को ही पटना पहुंच चुके हैं। इस बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, विपक्षी एकता, आगामी चुनावों की रणनीति और संगठन को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने बताया कि 25 जनवरी को होने वाली इस बैठक में न सिर्फ वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी, बल्कि पार्टी की आगे की रणनीति भी तय की जाएगी। वहीं पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि बैठक की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
प्रदेश अध्यक्ष मांगीलाल मंडल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी, राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष विन्नु यादव और डॉ. तनवीर हसन सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की है।
कुल मिलाकर, यह बैठक न केवल संगठनात्मक दृष्टि से अहम मानी जा रही है, बल्कि इसे राजद में नेतृत्व परिवर्तन और तेजस्वी यादव के ब ढ़ते राजनीतिक कद की औपचारिक घोषणा के रूप में भी देखा जा रहा है।
