कैमूर जिले में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC–PMKSY 2.0) के तहत कार्यों के भुगतान में रिश्वत मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। विशेष निगरानी इकाई (SVU), पटना ने भूमि संरक्षण–सह–परियोजना क्रियान्वयन इकाई, भभुआ (कैमूर) के दो अधिकारियों को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में रविशंकर राम, सहायक निदेशक तथा अंजनी कुमार, अभियंत्रण विशेषज्ञ शामिल हैं। यह कार्रवाई उमेश कुमार (पिता–रघुनाथ सिंह, ग्राम–गम्हारियाँ, थाना–अधौरा) और अरबिन्द कुमार (पिता–राजेश्वर सिंह, ग्राम–कल्हुओं, थाना–अधौरा) की लिखित शिकायत के आधार पर की गई।
शिकायत के अनुसार, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों के बकाया भुगतान के एवज में कुल लगभग एक लाख रुपये की भुगतान राशि का 28 प्रतिशत यानी करीब 30 हजार रुपये रिश्वत के रूप में मांगे गए थे। इसमें से 10 हजार रुपये पहले ही अंजनी कुमार द्वारा ले लिए गए थे, जबकि शेष 20 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। रिश्वत नहीं देने पर बिल भुगतान रोकने की धमकी भी दी गई थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद विशेष निगरानी इकाई ने जाल बिछाकर दोनों अधिकारियों को रिश्वत की राशि लेते हुए पकड़ लिया। इस संबंध में दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विशेष निगरानी इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दाराद (आईपीएस) ने बताया कि मामले में अग्रेतर कानूनी कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को कल निगरानी न्यायालय, पटना में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई से विभागों में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश गया है।

