पटना में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की संयुक्त टीम ने कॉल सेंटर के माध्यम से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कुल 22 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 15 महिलाएं शामिल हैं।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 02.02.2026 को आर्थिक अपराध इकाई, बिहार को सूचना मिली थी कि दानापुर थाना क्षेत्र के सगुना मोड़ तथा रूपसपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर कॉल सेंटर संचालित कर साइबर ठगी की जा रही है। सूचना मिलते ही EOU, बिहार और साइबर थाना, पटना की संयुक्त टीम ने त्वरित एवं सुनियोजित कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान मौके से 19 लैपटॉप, 01 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 53 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड सहित कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर को सील कर दिया है और सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य विभिन्न साइबर कैफे से आम नागरिकों का व्यक्तिगत डाटा अवैध तरीके से हासिल करते थे। इसके बाद वे खुद को आधार कार्ड केंद्र या अन्य सरकारी एवं गैर-सरकारी सेवा प्रदाता संस्थानों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को कॉल करते थे। बातचीत के दौरान वे तकनीकी गड़बड़ी, केवाईसी अपडेट, या दस्तावेज सत्यापन जैसे बहाने बनाकर लोगों को झांसे में लेते और उनसे बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी प्राप्त कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
साइबर थाना, पटना की पुलिस उपाधीक्षक सुश्री संगीता ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को दें।
पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
