संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। नए नियमों के तहत अब सरकारी सेवा में कार्यरत अभ्यर्थी बार-बार परीक्षा नहीं दे सकेंगे। आयोग के इस फैसले से बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार प्रभावित होंगे, जो चयनित होने के बाद भी बेहतर रैंक या पसंदीदा सेवा पाने के लिए दोबारा परीक्षा में बैठते थे।

UPSC की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब सेवा में शामिल हो चुके अधिकारियों के लिए परीक्षा में पुनः शामिल होने के नियमों को सख्त किया गया है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में स्थिरता लाना और पदों की अनावश्यक अदला-बदली को रोकना बताया जा रहा है। आयोग का मानना है कि बार-बार परीक्षा देने की प्रवृत्ति से न केवल प्रशिक्षण प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता पर भी असर पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय सिविल सेवाओं में गंभीरता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों का मानना है कि इससे उनके बेहतर करियर विकल्पों पर असर पड़ेगा।
नई गाइडलाइन्स तत्काल प्रभाव से लागू होंगी और आगामी परीक्षा चक्र से इनका पालन अनिवार्य होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना का अवलोकन करें।
