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बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने विधान सभा की 19 समितियों का गठन किया है, जिसमें राजद विधायक भाई वीरेंद्र को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार तेजस्वी यादव के चेहरे पर आई मुस्कान। बिहार विधानसभा में समितियों का गठन। विधायी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश है ।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सदन की 19 समितियों का गठन किया। वे स्वयं तीन समितियों के सभापति हैं। ये समितियां हैं- नियम, सामान्य प्रयोजन एवं विशेषाधिकार समिति।
दरअसल खरमास शुरू होने से पहले सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कई पूर्व मंत्रियों को भी इन समितियों का सभापति बनाया गया है। पूर्व मंत्रियों में नीतीश मिश्रा के अलावा संतोष कुमार निराला, दामोदर रावत, हरिनारायण सिंह के नाम भी शामिल हैं।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र को लोक लेखा समिति का सभापति बनाया गया है। उद्योगमंत्री रहे नीतीश मिश्र को प्राक्कलन समिति का सभापति बनाया गया है।हरनौत से जदयू के वरिष्ठ विधायक हरिनारायण सिंह को सरकारी उपक्रम समिति का सभापति बनाया गया है।इसके अलावा विधानसभाध्यक्ष द्वारा दामोदर रावत को आश्वासन समिति और जनक सिंह को याचिका समिति की जिम्मेदारी दी गई है। अमरेंद्र कुमार पांडेय को प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति जबकि शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को जिला परिषद एवं पंचायती राज समिति का सभापति बनाया गया है। डॉक्टर प्रेम कुमार ने संतोष कुमार निराला को अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समय तथा सिद्धार्थ सौरभ को निवेदन समिति का जिम्मा सौंपा है।
दीघा विधायक संजीव चौरसिया बने आचार समिति के सभापति अश्वमेघ देवी, महिला एवं बाल विकास समिति के सभापति बनाए गए हैं। अवधेश सिंह को पर्यावरण समिति, अख्तरुल इमान को अल्पसंख्यक कल्याण समिति, मनोरंजन सिंह को पर्यटन उद्योग समिति सौंपी गई है।
रेणु सिंह विरासत विकास समिति संभालेंगी तो निशा सिंह-कारा सुधार समिति की सभापति बनाई गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने अपने प्रयास से सभी दलों को समुचित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष। विधानसभा अध्यक्ष का यह प्रयास निश्चित तौर पर बिहार विधानसभा में एक बेहतर माहौल कायम कर सकेगा।
