
ठंड के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में इन दिनों ब्रेन हैमरेज, स्ट्रोक, चक्कर और चेहरे के लकवे के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल की इमरजेंसी और इंडोर वार्ड में ऐसे मरीजों से बेड फुल होने की स्थिति बन रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, सुबह के समय ठंडे पानी से नहाने का गलत तरीका इसकी बड़ी वजह बन रहा है।
पीएमसीएच के चिकित्सक बताते हैं कि गांवों और शहरों दोनों जगह लोग सुबह चार-पांच बजे उठकर सीधे सामान्य या ठंडे पानी से स्नान कर लेते हैं। कई लोग तो सीधे सिर पर पानी डाल देते हैं, जो ठंड के मौसम में बेहद खतरनाक हो सकता है। अचानक ठंडा पानी सिर पर पड़ने से ब्लड प्रेशर में तेज उतार-चढ़ाव होता है, जिससे ब्रेन हैमरेज या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
चिकित्सकों के अनुसार, नहाते समय सबसे पहले पैरों पर पानी डालना चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे शरीर के ऊपरी हिस्सों पर पानी डालें। इस क्रम से नहाने पर शरीर ठंड के अनुकूल ढल जाता है और दिमाग पर अचानक दबाव नहीं पड़ता। खासकर बुजुर्गों, हाई बीपी, शुगर और हार्ट के मरीजों को इस सलाह का सख्ती से पालन करना चाहिए।
डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में सुबह उठते ही चक्कर आने, दुनिया घूमने या झूले जैसा महसूस होने की शिकायत भी बढ़ रही है। इसे न्यूरोलॉजिकल भाषा में वर्टिगो कहा जाता है। इसके अलावा, ठंड में चेहरा और कान ढंके नहीं रखने से फेशियल नर्व डैमेज होने का खतरा रहता है, जिससे चेहरे पर लकवा तक हो सकता है।
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि ठंड के मौसम में सावधानी बरतें, नहाने से पहले शरीर को थोड़ा गर्म करें, सिर पर सीधे ठंडा पानी न डालें और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सावधानी ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।
