
Desk ASR
पटना जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चल रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. बिहार पुलिस के निर्देश पर 13/14 दिसंबर की रात पूरे जिले में अभियान चलाया गया. इसी दौरान चौक थाना पुलिस ने शराब के अवैध कारोबार से जुड़ी सुमन देवी को गिरफ्तार कर लिया.
दरअसल कानून के शिकंजे से बचने की कोशिशें जब हदें पार कर जाती हैं, तो अपराध की विरासत घर की दहलीज लांघ लेती है। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां 35 आपराधिक मामलों वाले पति के जेल जाने के बाद उसकी पत्नी सुमन देवी ने अपराध की कमान संभाल ली। पुलिस के अनुसार, सुमन देवी शराब तस्करी के एक संगठित नेटवर्क की मास्टरमाइंड बन चुकी थी, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि पति की गिरफ्तारी के बाद सुमन देवी ने नेटवर्क को दोबारा खड़ा किया। सीमावर्ती इलाकों से शराब की सप्लाई, सुरक्षित ठिकाने, वितरण चैन और वसूली—हर कड़ी पर उसकी पकड़ बताई जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, मुखबिरों की सूचना और लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के वक्त नकदी, मोबाइल फोन और तस्करी से जुड़े दस्तावेज बरामद होने का दावा किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुमन देवी खुद सामने कम आती थी और महिला होने का फायदा उठाकर कुरियर सिस्टम के जरिए खेप चलाती थी। नेटवर्क में शामिल कई छोटे-बड़े तस्करों से वह सीधे संपर्क में थी। इलाके में उसकी दहशत ऐसी थी कि लोग उसे ‘लेडी डॉन’ कहने लगे थे।
इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी। वहीं, प्रशासन ने साफ किया है कि शराबबंदी कानून से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती जारी रहेगी।यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है—क्या अपराध की विरासत यूं ही आगे बढ़ती रहेगी, या कानून इसे जड़ से उखाड़ फेंकेगा? पुलिस का दावा है, इस बार जाल पूरी तरह समेटा जाएगा।
