
Desk ASR
बरेली के एक पॉश इलाके में स्थित फ्लैट से सामने आई यह घटना सिर्फ़ एक छापेमारी नहीं, बल्कि शहर की रातों में पनप रहे एक खतरनाक नेटवर्क की परतें खोलती है। सूचना के आधार पर जब पुलिस ने फ्लैट का दरवाज़ा खटखटाया, तो अंदर का मंजर चौंकाने वाला था – एक युवती और पांच युवक मौजूद थे। पूछताछ शुरू हुई तो मामला और गंभीर होता चला गया।
फ्लैट की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां, इंजेक्शन, पेनकिलर और कुछ ऐसी गोलियां मिलीं, जिनका इस्तेमाल आम तौर पर बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं किया जा सकता। पुलिस को शक है कि इन दवाओं का इस्तेमाल नशे और देह व्यापार से जुड़े मामलों में किया जा रहा था। मौके से मिले मोबाइल फोन और चैट डिटेल्स ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे सनसनीखेज खुलासा तब हुआ, जब हिरासत में ली गई युवती ने पूछताछ के दौरान बरेली बाईपास का ज़िक्र किया। युवती के मुताबिक, रात के अंधेरे में बाईपास के आसपास “डील” तय होती थी। वहीं से ग्राहक चुने जाते, रेट तय होते और फिर फ्लैट तक लाया जाता। युवती ने यह भी बताया कि इस पूरे खेल में कई लोग शामिल हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर सब कुछ संचालित करते हैं।
पुलिस अब इस मामले को सिर्फ़ फ्लैट तक सीमित नहीं मान रही। बाईपास, होटल, किराए के मकान और ऑनलाइन संपर्क – हर एंगल से जांच तेज़ कर दी गई है। पकड़े गए युवकों से अलग-अलग पूछताछ हो रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह एक स्थानीय मामला है या किसी बड़े रैकेट का हिस्सा। बरेली की यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है—शहर की रातों में आखिर क्या-क्या चल रहा है, और कितनी कहानियां अब भी बंद दरवाज़ों के पीछे छुपी हैं।
