
Desk ASR
दुनिया छोड़ने के सालों बाद भी बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां लोगों के ज़हन में डर और जिज्ञासा दोनों पैदा करती हैं। अब एक बार फिर उनका नाम चर्चा में है, वजह है स्मार्टफोन को लेकर कही गई एक डरावनी चेतावनी। कहा जा रहा है कि बाबा वेंगा ने तकनीक के बढ़ते असर को मानव जीवन के लिए एक बड़े खतरे के रूप में देखा था, और आज के स्मार्टफोन यूज़र्स उस भविष्यवाणी को अपने बेहद करीब महसूस कर रहे हैं।
बाबा वेंगा के कथित संकेतों के मुताबिक, इंसान जिस तकनीक को अपनी ताकत समझ रहा है, वही धीरे-धीरे उसकी कमजोरी बन सकती है। स्मार्टफोन न सिर्फ लोगों की आदतों को बदल देगा, बल्कि सोचने-समझने की क्षमता पर भी गहरा असर डालेगा। इंसान स्क्रीन में इतना उलझ जाएगा कि असली रिश्ते, भावनाएं और ज़मीनी हकीकत उससे दूर होती चली जाएगी।
इस भविष्यवाणी में यह भी इशारा मिलता है कि मोबाइल डिवाइस इंसानों की निजता के सबसे बड़े दुश्मन बन सकते हैं। हर क्लिक, हर बातचीत और हर पसंद पर किसी न किसी की नज़र होगी। लोग खुद नहीं समझ पाएंगे कि वे कब आज़ाद थे और कब तकनीक के गुलाम बन गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह मानी जा रही है कि स्मार्टफोन पर बढ़ती निर्भरता मानसिक तनाव, अकेलापन और भावनात्मक खालीपन को जन्म दे सकती है। लोग भीड़ में रहते हुए भी खुद को अकेला महसूस करेंगे। नींद, सेहत और रिश्ते—सब पर इसका असर दिखेगा।
हालांकि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों को लेकर हमेशा बहस रही है, लेकिन स्मार्टफोन को लेकर कही गई यह चेतावनी आज के दौर में बेहद सटीक लगती है। सवाल यह नहीं है कि भविष्यवाणी सच है या नहीं, सवाल यह है कि क्या हम समय रहते संभलेंगे? शायद यही संदेश है – तकनीक का इस्तेमाल करें, लेकिन उसे अपने जीवन पर हावी न होने दें। वरना सुविधा कब संकट बन जाएगी, इसका एहसास तब होगा जब बहुत देर हो चुकी होगी।
