
ASR डेस्क
यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी लग सकती है, लेकिन हकीकत में यह एक परिवार के टूटने और भरोसे के चकनाचूर होने की दास्तान है। मुरादाबाद में चार बच्चों की मां अपने ही ससुर के साथ अचानक फरार हो गई। जाते-जाते वह अपनी छह साल की मासूम बेटी को भी साथ ले गई। पीछे छूट गया एक पति, तीन बच्चे और सवालों से भरा सन्नाटा।
पीड़ित पति के मुताबिक, बीते कुछ समय से घर का माहौल सामान्य नहीं था। पत्नी का व्यवहार बदला हुआ था, लेकिन उसने सोचा कि यह घरेलू तनाव का असर होगा। उसे अंदाजा नहीं था कि रिश्तों की नींव इतनी कमजोर हो चुकी है। एक दिन जब वह काम से लौटा, तो घर से पत्नी और छोटी बेटी दोनों गायब थीं। तलाश करने पर जो सच सामने आया, उसने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी—पत्नी अपने ही ससुर के साथ चली गई है।
पति का कहना है कि चार बच्चों में से तीन उसके पास हैं, लेकिन छह साल की बेटी को लेकर वह रात-दिन परेशान है। उसका आरोप है कि बच्ची को बिना उसकी सहमति के ले जाया गया, जो न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि उसकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। इसी डर और दर्द के साथ वह पुलिस के दरवाजे पर पहुंचा और इंसाफ की गुहार लगाई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि महिला और बच्ची की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर जांच की जा रही है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और पारिवारिक संबंधों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
यह मामला सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं है। यह समाज के सामने यह सवाल भी खड़ा करता है कि जब रिश्तों की सीमाएं टूटती हैं, तो सबसे ज्यादा कीमत कौन चुकाता है—वह मासूम बच्चा, जो इस पूरी कहानी का सबसे बेगुनाह किरदार है। अब सबकी नजरें पुलिस की कार्रवाई और उस दिन पर टिकी हैं, जब एक पिता को अपनी बेटी सुरक्षित वापस मिल सके।
