
ASR डेस्क
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले का पोट्टथुरपेट्टै गांव। बाहर से शांत, भीतर से रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश। यहां एक बुज़ुर्ग की मौत को पहले “सांप के काटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना” बताया गया, लेकिन जब परतें खुलीं तो इंसानियत शर्मसार हो गई। वजह थी—3 करोड़ रुपये की इंश्योरेंस राशि। और आरोपी—खुद के सगे बेटे।
पुलिस के मुताबिक, मृतक ने कुछ समय पहले करोड़ों का लाइफ इंश्योरेंस कराया था। यही पॉलिसी उसके बेटों की आंखों में खटकने लगी। उन्होंने पिता की मौत को प्राकृतिक हादसा दिखाने के लिए एक खौफनाक तरीका चुना—सर्पदंश। गांव के एक सपेरे से जहरीला सांप लाया गया और रात के अंधेरे में सोते हुए पिता को सांप से डसवा दिया गया। कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई।
शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य घटना बताकर अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली। लेकिन पुलिस को कुछ बातें असामान्य लगीं—मौत के वक्त घर में सांप का कोई निशान नहीं, शरीर पर दंश के निशान संदिग्ध, और बेटों का बर्ताव जरूरत से ज्यादा शांत। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने शक को और गहरा कर दिया।
सख्ती से पूछताछ हुई तो साजिश टूट गई। एक-एक कर सारे राज खुलते चले गए—सांप कहां से आया, किसने लाया, और क्यों लाया। पुलिस ने दोनों बेटों को गिरफ्तार कर लिया है और सपेरे की भूमिका की भी जांच जारी है।
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि लालच की वह हद है जहां खून के रिश्ते भी बोझ लगने लगते हैं। 3 करोड़ के लिए रची गई यह साजिश एक डरावनी चेतावनी है—जब इंसान पैसे को भगवान बना ले, तो वह अपनों को भी नहीं छोड़ता।
