
ASR डेस्क
बिहार के मोतिहारी में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सेना से फरार चल रहे राजबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिस पर जासूसी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं। राजबीर सिंह ने वर्ष 2011 में भारतीय सेना ज्वाइन की थी और कई वर्षों तक सेवा में रहा, लेकिन बाद में उसका नाम जासूसी से जुड़े एक संवेदनशील मामले में सामने आया।
सूत्रों के अनुसार, पंजाब के अमृतसर ग्रामीण जिले के घरिनडा थाना क्षेत्र में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज एक केस में राजबीर सिंह की संलिप्तता उजागर हुई थी। जांच में सामने आया कि वह सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां गलत हाथों तक पहुंचाने के संदेह में था। केस दर्ज होने के बाद फरवरी 2025 से वह सेना की ड्यूटी से फरार हो गया था और लगातार ठिकाने बदल रहा था।
खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला था कि फरार आरोपी बिहार के सीमावर्ती इलाकों में छिपा हुआ है। इसी आधार पर मोतिहारी में संयुक्त अभियान चलाया गया। लंबी निगरानी के बाद सुरक्षा बलों ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय उसके पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी बरामद होने की बात कही जा रही है, जिनकी जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि राजबीर सिंह किसी आतंकी या विदेशी नेटवर्क के सीधे संपर्क में था या नहीं। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल जासूसी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बड़े नेटवर्क से भी जुड़ सकते हैं।
फिलहाल आरोपी को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है और उससे केंद्रीय एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। इस गिरफ्तारी को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
