कानून-व्यवस्था पर मजबूत पकड़: बिहार पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंपबिहार में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के सकारात्मक नतीजे अब साफ दिखाई देने लगे हैं। हत्या, डकैती, दंगे, नक्सली गतिविधियों, शराब तस्करी और साइबर अपराध जैसे मामलों में बिहार पुलिस ने सख्त रवैया अपनाते हुए संगठित अपराधियों पर कड़ा शिकंजा कसा है। पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।गृह विभाग द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने वर्ष भर की कार्रवाई और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक, इंटेलिजेंस इनपुट और त्वरित पुलिस कार्रवाई के कारण राज्य में गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में हत्या की घटनाओं में 7.72 प्रतिशत, डकैती के मामलों में 24.87 प्रतिशत और दंगों में 17.97 प्रतिशत की गिरावट आई है। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच डकैती, लूट, अपहरण, दुष्कर्म और अन्य संगीन मामलों में 3.35 लाख से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान पुलिस ने 4500 से अधिक अवैध हथियार और करीब 28 हजार गोलियां भी जब्त की हैं।अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि अपराध से कमाई गई संपत्तियों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की गई है। 1419 अपराधियों को चिह्नित किया गया है और 405 मामलों में संपत्ति जब्ती के प्रस्ताव अदालत में भेजे गए हैं, जिनमें कई मामलों में प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, बीएनएसएस की धारा 126 के तहत 12.50 लाख लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।नक्सल विरोधी अभियान में भी बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पहले जहां 22 जिले उग्रवाद से प्रभावित थे, अब राज्य में कोई भी जिला सक्रिय नक्सल प्रभाव में नहीं है। शराबबंदी के तहत भारी मात्रा में देसी और विदेशी शराब जब्त की गई है, जबकि साइबर अपराध से निपटने के लिए भी जांच और निगरानी को मजबूत किया गया है।कुल मिलाकर, बिहार पुलिस की सख्त रणनीति और लगातार कार्रवाई से राज्य में अपराध पर नियंत्रण मजबूत हुआ है और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।

