बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराध को लेकर अब तक का सबसे सख्त और आक्रामक बयान देकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि बिहार से अपराधियों को भगाने का काम शुरू हो चुका है और जो लोग अब भी नहीं भागे हैं, वे अगले तीन महीनों के भीतर या तो प्रदेश छोड़ देंगे या फिर कानून की गिरफ्त में होंगे। सम्राट चौधरी का यह बयान न सिर्फ अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि पुलिस-प्रशासन के लिए भी एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, “कचरा साफ करना मेरा काम है और मैं हर हाल में कचरा साफ करूंगा।” उनके इस बयान को राज्य में अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। सम्राट चौधरी ने संकेत दिए कि सरकार अब किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में पुलिस और प्रशासन को अपराध नियंत्रण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पुराने मामलों की समीक्षा, वांछित अपराधियों की सूची अपडेट करने और संगठित अपराध से जुड़े लोगों पर विशेष निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आर्थिक अपराध और जमीन-माफिया जैसे मामलों में भी त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि सम्राट चौधरी का यह बयान आने वाले समय में कानून-व्यवस्था को बड़ा चुनावी मुद्दा भी बना सकता है। खासकर उन इलाकों में, जहां अपराध लंबे समय से आम लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है, सरकार के इस रुख से जनता में भरोसा बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि विपक्ष ने इस बयान को “जुमलेबाजी” करार देते हुए सरकार से ठोस नतीजे दिखाने की मांग की है। वहीं, सत्तारूढ़ खेमे का दावा है कि आने वाले तीन महीनों में बिहार की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी और अपराधियों के लिए राज्य में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचेगा।

