नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के हालिया विदेश दौरे को लेकर बिहार की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने इस दौरे पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि तेजस्वी यादव जिन लोगों के साथ विदेश गए हैं, उनकी पृष्ठभूमि संदिग्ध बताई जा रही है। जदयू की ओर से प्रवक्ता नीरज कुमार ने तीखे आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले को लेकर सफाई की मांग की है।
नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि तेजस्वी यादव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके साथ विदेश यात्रा पर गए लोग कौन हैं और उनका आपराधिक इतिहास तो नहीं है। जदयू प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि क्या इनमें कोई “हिस्ट्रीशीटर” भी शामिल है और अगर ऐसा है तो यह बिहार की राजनीति और छवि के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव सत्ता से बाहर रहते हुए भी गैर-जिम्मेदाराना आचरण कर रहे हैं।
जदयू के इन आरोपों के बाद राज्य की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। राजद नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव का विदेश दौरा पूरी तरह निजी और पूर्व निर्धारित था, जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने जदयू पर बेबुनियाद आरोप लगाकर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है।
राजद का कहना है कि तेजस्वी यादव बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर जदयू अनावश्यक मुद्दे उठा रही है। वहीं, जदयू का दावा है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने हर कदम का जवाब देना चाहिए, खासकर तब जब मामला विदेश यात्रा और संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़ा हो।
इस सियासी बयानबाज़ी के बीच विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है और बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होगा।
फिलहाल, तेजस्वी यादव की ओर से इन आरोपों पर कोई सीधी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सियासी संकेत साफ हैं कि यह मुद्दा जल्द शांत होने वाला नहीं है।

