पटना को नशे के कारोबार का केंद्र बनाने की कोशिश को बिहार पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटना पुलिस को बुधवार की देर रात को बड़ी कामयाबी मिली। गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने मनेर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ 12 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक जब्त मादक पदार्थों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से यह इनपुट मिल रहा था कि मनेर इलाके के रास्ते नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही है। इसी सूचना पर तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान तस्करों में अफरातफरी मच गई, हालांकि पुलिस ने मौके से अहम सबूत और नकदी बरामद कर ली। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी नशीले पदार्थों की आपूर्ति करता था। पुलिस को आशंका है कि बरामद नकदी नशे के इसी अवैध कारोबार से जुड़ी है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि नशीले पदार्थ कहां से लाए गए थे और किन-किन जिलों में इनकी सप्लाई होनी थी।
पटना पुलिस का कहना है कि शहर को नशे की गिरफ्त में जाने नहीं दिया जाएगा। हाल के महीनों में लगातार की गई कार्रवाइयों से यह साफ है कि पुलिस मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इस कार्रवाई को पुलिस ने पटना को ‘उड़ता पंजाब’ बनने से बचाने की दिशा में एक अहम सफलता बताया है।
फिलहाल पूरे मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा किया जाएगा।


