निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की बड़ी सफलता, टैक्स सेटलमेंट के नाम पर मांगी थी घूस
सहरसा।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को एक और बड़ी सफलता मिली है। निगरानी की टीम ने राज्यकर संयुक्त आयुक्त कार्यालय, सहरसा अंचल में कार्यरत कार्यालय परिचारी शंकर कुमार को 75 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार को राज्यकर संयुक्त आयुक्त कार्यालय के सामने स्थित एक चाय दुकान पर की गई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या-121/25 (दिनांक 24 दिसंबर 2025) के तहत की गई। मामले में परिवादी सिराजूल होदा, निवासी सिमरी बख्तियारपुर, जिला सहरसा ने ब्यूरो के पटना कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि टैक्स भुगतान के बावजूद उनके खाते को होल्ड पर रखा गया था और उसे हटाने के एवज में कार्यालय परिचारी द्वारा 75 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत प्राप्त होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पूरे मामले का गुप्त रूप से सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार-II के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया।
योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए परिवादी को चिह्नित नोटों के साथ आरोपी से मिलने भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने चाय दुकान पर रिश्वत की राशि ली, निगरानी टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, भागलपुर में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस भ्रष्टाचार में अन्य किसी की संलिप्तता है या नहीं।

