नए साल के जश्न से पहले पटना में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने की बड़ी साजिश को जिला फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने नाकाम कर दिया है। राजधानी के स्टेशन रोड इलाके में नकली पनीर बनाने और बेचने के ठिकाने पर छापेमारी कर विभाग ने 500 किलो से अधिक नकली पनीर जप्त किया है। यह कार्रवाई फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
जानकारी के मुताबिक, पटना में नए साल के मौके पर बड़ी संख्या में पार्टियों और आयोजनों की तैयारी चल रही थी। इन्हीं आयोजनों में नकली पनीर खपाने की योजना बनाई गई थी। विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि स्टेशन के पास धड़ल्ले से नकली पनीर की बिक्री हो रही है। सूचना के आधार पर जैसे ही टीम ने छापेमारी की, वैसे ही नकली पनीर बेचने वाले मौके से फरार हो गए।
छापेमारी के दौरान अलग-अलग जगहों से पनीर को छुपाकर रखा गया था। टीम ने खोजबीन कर सभी पनीर को बरामद किया। ऑन द स्पॉट टेस्ट में जप्त किए गए सभी पनीर नकली पाए गए। कार्रवाई के दौरान कुछ कारोबारी अधिकारियों के सामने हाथ-पैर जोड़ते नजर आए, ताकि रेड रोकी जा सके, लेकिन टीम ने सख्ती से कार्रवाई की।
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि यह पनीर पूरी तरह से स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि दूध से पूरी फैट निकालकर उसमें आरारोट (स्टार्च) मिलाकर पनीर जैसा पदार्थ तैयार किया गया था। इस तरह का नकली पनीर खाने से पाचन तंत्र खराब होने, फूड पॉइजनिंग और गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है।
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि सस्ते दामों पर मिलने वाले पनीर से सावधान रहें, पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और स्रोत की जांच करें। यदि पनीर असामान्य रूप से ज्यादा सफेद, रबर जैसा या स्वादहीन लगे तो उसका उपयोग न करें और तुरंत विभाग को सूचना दें।
यह कार्रवाई न सिर्फ अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश है, बल्कि आम लोगों को खाद्य सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी भी है।


