बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) बिहार, पटना ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। जन्म प्रमाण पत्र के बदले रिश्वत मांगने वाले पंचायत सचिव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई दिनांक 30 दिसंबर 2025 को भोजपुर जिले के आरा सदर प्रखंड में की गई।




विशेष निगरानी इकाई कार्यालय को 29 दिसंबर 2025 को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जितेंद्र प्रसाद, पंचायत सचिव, आरा सदर प्रखंड, जिला भोजपुर द्वारा जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में ₹10,000 की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एसवीयू ने मामले की गोपनीय जांच और सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
शिकायत के सत्यापन के बाद विशेष निगरानी इकाई ने त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया। पुलिस उपाधीक्षक चंद्र भूषण और पुलिस उपाधीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इस टीम में विशेष निगरानी इकाई के अन्य अधिकारी और कर्मी भी शामिल थे।
योजना के अनुसार, दिनांक 30 दिसंबर 2025 को लगभग 2:30 बजे दिन में आरा सदर प्रखंड परिसर में ट्रैप की कार्रवाई की गई। इस दौरान पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद को शिकायतकर्ता से ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के समय रिश्वत की राशि भी बरामद की गई, जिससे आरोप की पुष्टि हो गई।
विशेष निगरानी इकाई द्वारा आरोपी पंचायत सचिव को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया भी जारी है।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है। विशेष निगरानी इकाई ने आम लोगों से अपील की है कि सरकारी कार्यों में रिश्वत मांगे जाने की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे मामलों में गोपनीयता बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
