
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, जिसे आम बोलचाल में “दस हजारी योजना” कहा जा रहा है, के अंतर्गत आवेदन की अंतिम तिथि वर्ष 2025 के साथ ही समाप्त हो रही है। योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी संस्था जीविका के अधिकारियों का आकलन है कि इस योजना का लाभ लगभग दो करोड़ महिलाओं तक पहुंच सकता है। यह योजना राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
योजना के तहत अब अगली कड़ी में लाभार्थियों द्वारा किए जा रहे काम-धंधों का मूल्यांकन किया जाएगा। जिन महिलाओं का रोजगार आगे बढ़ाने योग्य पाया जाएगा, उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकतम 2.10 लाख रुपये तक सहायता देने की घोषणा की है, लेकिन यह राशि सभी पात्र महिलाओं को समान रूप से नहीं मिलेगी। जीविका द्वारा किए गए कार्य मूल्यांकन के आधार पर यह तय होगा कि किसे कितनी अतिरिक्त राशि दी जाएगी। स्पष्ट है कि 2.10 लाख रुपये केवल अधिकतम सीमा है।
अब तक इस योजना के अंतर्गत आवेदकों की संख्या 1.90 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इनमें से लगभग 1.44 करोड़ महिलाओं को पहले चरण में दस-दस हजार रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है। आवेदन की अंतिम तिथि को 31 दिसंबर तक बढ़ाया गया था, जिसके बाद अकेले दिसंबर माह में ही 23 लाख से अधिक नए आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों की छंटनी कर पात्र महिलाओं को शीघ्र ही दस हजार रुपये की राशि दी जाएगी, जिसे वापस नहीं करना होगा।
हालांकि, काम-धंधे के विस्तार के लिए मिलने वाली अतिरिक्त राशि के साथ वापसी की शर्त जुड़ी होगी। यह योजना विधानसभा चुनाव से पहले घोषित की गई थी। शुरुआत में केवल ग्रामीण महिलाएं इसके लिए पात्र थीं, लेकिन बाद में शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को भी इसके दायरे में शामिल कर लिया गया।
शहरी क्षेत्र से अब तक 18 लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं, हालांकि अभी तक वहां पहली किस्त जारी नहीं की गई है। इसी बीच तकनीकी गड़बड़ी के कारण 470 दिव्यांग पुरुषों के खातों में भी दस-दस हजार रुपये स्थानांतरित हो गए। जीविका के सूत्रों के अनुसार, इस मामले में उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। चूंकि उनके परिवार की महिलाओं ने योजना के लिए आवेदन किया है, पात्रता पूरी होने पर यह राशि समायोजित कर ली जाएगी।
कुल मिलाकर, दस हजारी योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रही है, जिससे राज्य में स्वरोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
