बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के मंत्री श्री दीपक प्रकाश के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह ने मंत्री के नाम, फोटो और पद का दुरुपयोग करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर फेक अकाउंट तैयार किया है, जिससे आम लोगों को भ्रमित किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, इस फर्जी आईडी से मंत्री के नाम पर पोस्ट, मैसेज और फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजे जा रहे हैं। इससे न सिर्फ मंत्री की छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका है, बल्कि सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों को लेकर गलत जानकारी फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। कई बार ऐसे फेक अकाउंट के जरिए लोगों से निजी जानकारी मांगी जाती है या प्रभाव का डर दिखाकर अनुचित लाभ लेने की कोशिश की जाती है।
डिजिटल युग में सोशल मीडिया जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच संवाद का अहम माध्यम बन चुका है, लेकिन इसी का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व फर्जी आईडी बनाकर ठगी और अफवाह फैलाने जैसे कृत्यों को अंजाम दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आम नागरिकों को ऐसे अकाउंट्स से सावधान रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध प्रोफाइल की पुष्टि आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल या सरकारी सूचना स्रोतों से करनी चाहिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों द्वारा साइबर क्राइम के तहत जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से फर्जी अकाउंट को हटाने की मांग भी की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी फर्जी आईडी से आने वाले संदेशों पर भरोसा न करें और तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग या साइबर सेल को दें।
फर्जी फेसबुक आईडी से संभावित दुरुपयोग कुछ इस तरीके से हो सकते हैं।
मंत्री के नाम पर झूठे बयान या भ्रामक पोस्ट डालकर अफवाह फैलाना
सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से ठगी करना
अधिकारियों या आम जनता को डराने-धमकाने की कोशिश
निजी जानकारी या पैसे की मांग
मंत्री और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना
