जमुई लोकसभा सीट से सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के जीजा अरुण भारती को लेकर शहर में अचानक सियासी हलचल तेज हो गई है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, दीवारों और सार्वजनिक स्थानों पर अरुण भारती के ‘लापता’ होने से जुड़े पोस्टर चिपकाए गए हैं। इन पोस्टरों में व्यंग्यात्मक भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जिससे मामला और भी चर्चा में आ गया है।

यह पोस्टर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सऐप ग्रुपों में लोग इन पोस्टरों को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ लोग इसे असामाजिक तत्वों की शरारत बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि इसके पीछे राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर नाराजगी और दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है।
राजनीतिक गलियारों में यह मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि हाल के दिनों में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बाद अब चिराग पासवान के परिवार से जुड़े व्यक्ति को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पोस्टरों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि अरुण भारती सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे हैं, जिसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, अब तक अरुण भारती के वास्तव में लापता होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और जिला प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गया है। पोस्टर किसने लगाए, इसके पीछे मकसद क्या है और सोशल मीडिया पर इसे किस तरह फैलाया गया—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या किसी की छवि खराब करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला जमुई में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
