बिहार की राजनीति में इस वक्त चर्चा का सबसे बड़ा विषय सत्ता नहीं, बल्कि संपत्ति बन गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत उनकी पूरी कैबिनेट ने अपनी-अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है। आंकड़े सामने आते ही एक दिलचस्प तस्वीर उभरकर आई है—खुद मुख्यमंत्री से ज्यादा अमीर उनके दोनों डिप्टी सीएम हैं, और कैबिनेट में गिनती के मंत्री ही ऐसे हैं जिनकी संपत्ति नीतीश कुमार से कम है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुल संपत्ति 1.65 करोड़ रुपए बताई गई है। सादगी के लिए पहचाने जाने वाले नीतीश के पास न ज्यादा कैश है और न ही बड़ी जमीन-जायदाद। उनके पास मात्र 20 हजार रुपए से कुछ अधिक नकद हैं, एक बोलेरो गाड़ी है और 200 ग्राम सोने के गहने हैं। खास बात यह है कि सीएम ने अपने संपत्ति विवरण में 13 गाय और उनके बछड़ों का भी उल्लेख किया है, जो उनकी अलग पहचान को दर्शाता है।
इसके उलट डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी की संपत्ति कई गुना ज्यादा है। उनके पास करोड़ों की जमीन, बॉन्ड और निवेश हैं। हथियारों के शौक के तौर पर उनके पास राइफल और रिवॉल्वर भी दर्ज हैं। वहीं दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा इस मामले में सबसे आगे हैं। उनकी कुल संपत्ति करीब 10 करोड़ रुपए के आसपास है। चल-अचल संपत्ति के साथ-साथ उनकी पत्नी के नाम पर एक निजी कंपनी भी है।
कैबिनेट के अन्य मंत्रियों की बात करें तो ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय करोड़पति मंत्रियों की सूची में शामिल हैं। वहीं कुछ मंत्री ऐसे भी हैं जिनकी संपत्ति लाखों में सिमटी हुई है और उन्हें कैबिनेट का “सबसे कम संपत्ति वाला” मंत्री माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, संपत्ति विवरण ने यह साफ कर दिया है कि बिहार सरकार की कैबिनेट में आर्थिक हैसियत के मामले में बड़ा अंतर है। सादगी बनाम संपन्नता की यह तुलना अब राजनीतिक और सोशल मीडिया चर्चाओं का नया मुद्दा बन चुकी है।
