
रिपोर्ट : कमल भारद्वाज
पटना जंक्शन पर हुई बड़ी लूट की गुत्थी को जीआरपी पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सुलझाकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। प्लेटफॉर्म संख्या 6 और 7 के बीच 29–30 दिसंबर की रात नकली पुलिसकर्मी बनकर 22 लाख रुपये की लूट करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 19 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं, जबकि शेष राशि की तलाश जारी है।
रेल एसपी डॉ. इनामुल हक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजा और दीपक के रूप में हुई है। दीपक खुसरूपुर का निवासी है, जबकि राजा पटना के करबिगहिया इलाके से ताल्लुक रखता है। दोनों आरोपी पिछले कुछ महीनों से पटना जंक्शन पर पानी बेचने का काम कर रहे थे और उसी दौरान यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखते थे।
घटना की रात आरोपियों ने एक यात्री के पास मौजूद बैग को देखकर उसे निशाना बनाया। उन्होंने शराब ले जाने का शक जताते हुए खुद को पुलिसकर्मी बताया और पूछताछ के बहाने यात्री को प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन की बोगी में ले गए। वहां खाकी जैकेट पहनकर और मोबाइल फोन में जीआरपी थानेदार के नाम से सेव नंबर दिखाकर पीड़ित को भयभीत किया गया। डर के माहौल में आरोपियों ने बैग से 22 लाख रुपये निकाल लिए और मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान राजा के पास से 9 लाख रुपये और दीपक के पास से 10 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
राशि अधिक होने के कारण आयकर विभाग को भी इसकी जानकारी दी गई है, जो अपने स्तर से जांच कर रहा है। रेल एसपी ने कहा कि रेलवे परिसर में अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
