भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा) श्री सुधीर कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। निगरानी की मुख्यालय टीम ने 03 जनवरी 2026 को मुजफ्फरपुर स्थित उनके किराये के निजी आवास से 19 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए उन्हें दबोचा। इस कार्रवाई के बाद भ्रष्टाचार से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।



निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, हथौड़ी थाना क्षेत्र के डकरामा गांव निवासी संतोष साह ने पटना स्थित निगरानी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि साहेबगंज प्रखंड में तकनीकी प्रबंधक पद पर संविदा के आधार पर पुनर्योगदान कराने के एवज में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही है। परिवादी का आरोप है कि आरोपी ने पहले ही दबाव बनाकर 1 लाख 81 हजार रुपये रिश्वत वसूल ली थी और योगदान दिलाने के बाद फिर से पैसे की मांग की जा रही थी।
शिकायत की सत्यता की जांच के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर निगरानी थाना कांड संख्या 03/26 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में गठित धावादल ने जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र स्थित आरोपी के तीन मंजिला आवास पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान अब तक 11 लाख रुपये से अधिक नकद, करीब 250 ग्राम से अधिक सोना-चांदी के जेवरात और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसके अलावा मुजफ्फरपुर स्थित किराये के आवास, जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय और संयुक्त निदेशक (शस्य) तिरहुत प्रमंडल कार्यालय में भी तलाशी की कार्रवाई जारी है।
फिलहाल अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और उसे विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।
