
अपने कारनामों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाली बिहार पुलिस एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला वैशाली जिले से सामने आया है, जहां शातिर चोर के ठिकाने पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर ही चोरी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मियों ने चोर के घर से बरामद नकदी और सोना-चांदी के आभूषणों का बड़ा हिस्सा खुद ही गायब कर दिया।
मामला उजागर होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वैशाली के एसपी ने पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है। एसपी के निर्देश पर लालगंज थाना अध्यक्ष संतोष कुमार को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक अन्य दरोगा को लाइन हाजिर किया गया है। इसके अलावा पूरे मामले की जांच का जिम्मा सदर एसडीपीओ-02 गोपाल मंडल को सौंपा गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसआई सुमन झा को भी लाइन हाजिर किए जाने की सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
इधर, आरोपी के ग्रामीण भाई गेनालाल ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि रात के समय पुलिस ने रामप्रीत सहनी के घर छापेमारी की और किसी भी ग्रामीण को पास नहीं आने दिया। आरोपी मछली कारोबार से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। परिजनों का दावा है कि छापेमारी के दौरान घर से राइफल की गोलियां, नकदी, सोना, चांदी और बर्तन बरामद हुए, लेकिन कई किलो सोना-चांदी और लाखों रुपये को जब्ती सूची में शामिल नहीं किया गया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस आरोपी की पत्नी को जबरन उठाकर ले गई। अब परिवार वरीय अधिकारियों से शिकायत कर दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। एसपी ने इस पूरे मामले को पुलिस की छवि धूमिल करने वाला बताते हुए स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। कई किलो सोना-चांदी जुड़े होने की चर्चा से प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
