बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार जिला कृषि अधिकारी (डीएओ) सुधीर कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 19 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए डीएओ के खिलाफ अब आय से अधिक अर्जित संपत्ति की जांच शुरू की जाएगी। निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद उनके पटना स्थित आवास से 11 लाख रुपये नकद, करीब 250 ग्राम जेवरात और निवेश से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने आरोपी डीएओ से संपत्ति को लेकर सघन पूछताछ की, जिसमें कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। अब निगरानी विभाग निबंधन कार्यालय, अंचल कार्यालय और विभिन्न बैंकों में दस्तावेजों की जांच करेगा। साथ ही सुधीर कुमार द्वारा की गई वार्षिक संपत्ति घोषणा से जब्त संपत्तियों का मिलान भी किया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संपत्ति वैध आय से अर्जित की गई है या नहीं।
निगरानी डीएसपी मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने शनिवार को सुधीर कुमार को उनके किराए के आवास से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उनका किराए का मकान रमना चर्च रोड मोहल्ला के गली नंबर छह में स्थित है। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने उनके कार्यालय के अलावा मुजफ्फरपुर और पटना स्थित आवासों पर भी छापेमारी की।
मामला कृषि विभाग के आत्मा योजना से जुड़े बीटीएम संतोष कुमार से जुड़ा है। संतोष कुमार को कृषि इनपुट की राशि गबन के आरोप में बर्खास्त किया गया था। उनके पुनर्नियोजन के लिए डीएओ सुधीर कुमार ने दो लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से 1.81 लाख रुपये पहले ही लिए जा चुके थे। शेष 19 हजार रुपये के लिए दबाव बनाए जाने पर संतोष ने निगरानी विभाग से शिकायत की, जिसके बाद जाल बिछाकर डीएओ को गिरफ्तार किया गया।
रविवार को न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी डीएओ को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। निगरानी विभाग का कहना है कि जांच आगे भी जारी रहेगी और दोष साबित होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
