निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना को भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने आज दिनांक 6 जनवरी 2026 को वैशाली जिले में कार्रवाई करते हुए एक राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान श्री राजेश रौशन राम, राजस्व कर्मचारी, अंचल वैशाली, जिला–वैशाली के रूप में हुई है।

यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या 119/25, दिनांक 24 दिसंबर 2025 में दर्ज प्राथमिकी के तहत की गई। अभियुक्त को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए वैशाली थाना क्षेत्र के रघवापुर शिव मंदिर के नजदीक से गिरफ्तार किया गया। परिवादी श्री विनय कुमार सिंह, पिता श्री अजय कुमार सिंह, निवासी मोहम्मदपुर, पोस्ट बालुकाराम, जिला वैशाली द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जमीन के दाखिल-खारिज के एवज में राजस्व कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का विधिवत सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोप सही पाए गए और रिश्वत मांगने के पर्याप्त प्रमाण मिले। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक श्री अखिलेश कुमार के नेतृत्व में एक धावादल का गठन किया गया। निर्धारित योजना के तहत 6 जनवरी को ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें अभियुक्त को रिश्वत लेते हुए मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और उसे माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधान कार्रवाई जारी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 119वीं प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें 98वां ट्रैप कांड शामिल है। अब तक कुल 108 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, वर्ष 2026 में ट्रैप मामलों में यह तीसरी गिरफ्तारी है। अब तक कुल 37,85,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है।
