बिहार में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने 22 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। सरकार का मानना है कि इस व्यापक फेरबदल से जिलों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2019 बैच के आईएएस अधिकारी समीर सौरभ को पटना जिला परिषद के उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के पद से हटाकर कम्फेड, पटना का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। उनके इस पद को संयुक्त सचिव स्तर के समकक्ष माना गया है। वहीं, 2019 बैच के ही अधिकारी दीपक कुमार मिश्रा, जो नालंदा के नगर आयुक्त थे, अब मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य करेंगे। साथ ही उन्हें बिहार विकास मिशन में अपर निदेशक-सह-मिशन निदेशक का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है।
2020 बैच के अधिकारियों में अभिषेक पलासिया को गया नगर निगम का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि कुमार निशांत विवेक को बिहार शरीफ नगर निगम की जिम्मेदारी दी गई है। श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर को पटना जिला परिषद का उप विकास आयुक्त बनाया गया है। इसके अलावा शुभम कुमार को नालंदा जिला परिषद में उप विकास आयुक्त के रूप में पदस्थापित किया गया है।
2021 बैच के अधिकारियों में शिवाक्षी दीक्षित को बेतिया नगर निगम का नगर आयुक्त, सूर्य प्रताप सिंह को समस्तीपुर जिला परिषद का उप विकास आयुक्त और लक्ष्मण तिवारी को सारण जिला परिषद का उप विकास आयुक्त बनाया गया है। 2022 बैच के तहत पार्थ गुप्ता, आशीष कुमार और किसलय कुशवाहा को क्रमशः मुंगेर, मोतिहारी और भागलपुर नगर निगम का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा 2023 बैच के कई अधिकारियों को अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में नई तैनाती दी गई है। सभी नवपदस्थापित अधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं। इस प्रशासनिक बदलाव को सरकार की सुशासन और विकास केंद्रित नीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

