राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए परिवार के भीतर चल रही खींचतान पर तीखा संकेत दिया है। बिना किसी का नाम लिए किए गए इस पोस्ट को राजनीतिक गलियारों में उनके भाई तेजस्वी यादव और संजय यादव पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है। रोहिणी ने अपने संदेश में सीधे तौर पर आरोप न लगाते हुए भी यह इशारा किया कि अहंकार और गलत सलाह के चलते परिवार की पहचान और विरासत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है।
रोहिणी आचार्य ने लिखा कि जब “विनाशक बुद्धि” हावी हो जाती है, तब व्यक्ति अपने ही घर की नींव कमजोर करने लगता है। उनके शब्दों में यह चिंता झलकती है कि सत्ता, पद और प्रभाव के मोह में मूल विचारधारा और संघर्ष की विरासत भुला दी जा रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बहकावे में आकर लिए गए फैसले न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार और आंदोलन की साख पर असर डालते हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब रोहिणी आचार्य ने इस तरह का अप्रत्यक्ष हमला किया हो। इससे पहले भी वे सोशल मीडिया पर परिवार और पार्टी से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी जता चुकी हैं। हालांकि, उन्होंने हर बार की तरह इस बार भी किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संदेश का संदर्भ स्पष्ट है।
राजद के अंदरूनी हालात पर नजर रखने वालों का कहना है कि यह पोस्ट ऐसे समय आया है जब पार्टी भविष्य की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा में है। रोहिणी का बयान न केवल पारिवारिक मतभेदों की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विरासत और विचारधारा को लेकर मतभिन्नता गहराती जा रही है।
फिलहाल तेजस्वी यादव या संजय यादव की ओर से इस पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन रोहिणी के इस तंज ने एक बार फिर राजद के अंदरूनी समीकरणों को सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

