बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए छुट्टी को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब किसी भी प्रकार के अवकाश के लिए शिक्षकों को अनिवार्य रूप से एचआरएम (HRM) पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करना होगा। बिना पोर्टल पर आवेदन किए ली गई छुट्टी को मान्य नहीं माना जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।


जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, बीते एक महीने में पटना जिले में करीब 250 शिक्षक बिना एचआरएम पोर्टल पर सूचना दिए ही अवकाश पर चले गए थे। इसी को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि नई डिजिटल व्यवस्था का सख्ती से पालन कराया जाए।
नई प्रक्रिया के तहत शिक्षक पोर्टल पर छुट्टी के लिए आवेदन करेंगे, जिसे संबंधित स्कूल के हेडमास्टर या प्रधानाध्यापक ऑनलाइन ही स्वीकृत करेंगे। इससे शिक्षकों को छुट्टी के लिए जिला या प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया तेज होगी और पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी।
हालांकि कुछ विशेष प्रकार की छुट्टियों के लिए अलग नियम तय किए गए हैं। महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश और चाइल्ड केयर लीव के लिए अपनी पर्सनल आईडी से पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इन दोनों अवकाशों की स्वीकृति जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) स्तर से ही दी जाएगी। वहीं कैजुअल लीव (CL) और सिक लीव (SL) को हेडमास्टर या स्कूल प्रधान द्वारा स्वीकृत किया जाएगा। जब तक आवेदन स्वीकृत नहीं होता, शिक्षक को स्कूल आना अनिवार्य होगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस डिजिटल प्रणाली से न सिर्फ शिक्षकों का समय बचेगा, बल्कि सरकारी कार्यालयों में भी अनावश्यक भीड़ कम होगी। साथ ही अवकाश से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, जिससे भविष्य में किसी तरह के विवाद की गुंजाइश भी कम होगी।
