बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल के तहत राजधानी पटना में 12 और 13 जनवरी को दो दिवसीय राज्यस्तरीय पुलिस कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। यह कांफ्रेंस बिहार पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन में होगी, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी करेंगे।


इस विशेष कांफ्रेंस की खास बात यह है कि इसमें पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से लेकर थानास्तर के पदाधिकारी एक ही मंच से जुड़ेंगे। डीजीपी, अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी भौतिक रूप से कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष और दारोगा स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। यह पहली बार होगा जब गृह मंत्री इतने बड़े पैमाने पर मुख्यालय से लेकर जमीनी स्तर तक के पुलिस अधिकारियों को सीधे संबोधित करेंगे।
कांफ्रेंस के दौरान राज्य में विधि-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति, अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई, पुलिस-जन संवाद, तकनीक के उपयोग, अनुसंधान की गुणवत्ता और भविष्य की कार्ययोजनाओं जैसे अहम बिंदुओं पर मंथन किया जाएगा। उद्देश्य साफ है—पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाना।
गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही सम्राट चौधरी का रुख सख्त माना जा रहा है। वे लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि पुलिस को स्वतंत्र होकर काम करने दिया जाए और अपराधियों के लिए बिहार में कोई स्थान नहीं है। हाल ही में उनके बयान—“अपराधी बिहार छोड़ दें”—ने भी प्रशासनिक सख्ती का संकेत दिया था।
माना जा रहा है कि यह पुलिस कांफ्रेंस न सिर्फ अधिकारियों के लिए दिशा-निर्देश तय करेगी, बल्कि आने वाले समय में बिहार की कानून-व्यवस्था को नई धार देने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी।
