
पटना लौटते ही तेजस्वी यादव का तीखा तेवर, नीतीश सरकार को 100 दिन का अल्टीमेटम
करीब 40 दिनों के लंबे अंतराल के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रविवार को पटना लौटते ही एक बार फिर आक्रामक अंदाज़ में दिखे। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने नीतीश सरकार और एनडीए पर विधानसभा चुनाव में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया और चुनावी नतीजों को ‘जनतंत्र की नहीं, बल्कि धनतंत्र और मशीन तंत्र की जीत’ बताया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल हमेशा सकारात्मक राजनीति में विश्वास करता है। इसी सोच के तहत सरकार गठन के शुरुआती 100 दिनों तक वे किसी भी फैसले पर सीधी टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन सरकार की नीतियों, वादों और कामकाज की निरंतर समीक्षा जरूर होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 100 दिन सरकार के लिए परीक्षा की घड़ी होंगे।
पिछले 20 वर्षों के शासन का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने कहा कि डबल इंजन सरकार में बिहार की हालत किसी से छिपी नहीं है। अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे मुद्दे लगातार बिगड़े हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव के दौरान करोड़ों रुपये खर्च किए जा सकते हैं, तो सरकार बनने के बाद जनता से किए गए वादों को निभाने में देरी क्यों।
तेजस्वी यादव ने सरकार की घोषणा-पत्र को याद दिलाते हुए कहा कि 2.5 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहायता, एक करोड़ नौकरियां, हर जिले में बड़े उद्योग और फैक्ट्रियों की स्थापना जैसे वादे अब कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब चाहती है, केवल भाषण नहीं।
राजद सूत्रों के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव के भी पटना लौटने के बाद पार्टी संगठन को मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी यादव बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर जनता से सीधे संवाद कर सकते हैं। आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में गर्माहट बढ़ने के संकेत साफ हैं।
