बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं को एक करोड़ नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य को लेकर कमर कस ली है। 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ नई नौकरी और रोजगार सृजन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने सभी विभागों को पूरी तरह टाइट कर दिया है। इसके तहत प्रत्येक विभाग से यह पूछा गया है कि वे वर्तमान में रोजगार सृजन के लिए क्या कर रहे हैं और भविष्य में कौन-सी योजनाएं और पहल करने जा रहे हैं।

युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने इस संबंध में राज्य सरकार के सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि हर विभाग को नौकरी और रोजगार सृजन को लेकर अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इस कार्ययोजना में यह बताना अनिवार्य होगा कि अभी किन-किन क्षेत्रों में रोजगार सृजन हो रहा है और आगे किन नए सेक्टरों में अवसर पैदा किए जाएंगे।
राज्य सरकार ने इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति रोजगार और नौकरी सृजन से जुड़ी सभी संभावनाओं और विकल्पों पर विचार कर राज्य सरकार को परामर्श देगी। इस समिति की बैठक 12 दिसंबर को हो चुकी है, जिसमें सभी विभागों को एक करोड़ नौकरी और रोजगार सृजन के लिए ठोस और व्यावहारिक योजना बनाने का निर्देश दिया गया।
सरकार ने यह भी तय किया है कि हर विभाग में एक नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। ये नोडल पदाधिकारी विभाग द्वारा किए जा रहे रोजगार सृजन के कार्यों की जानकारी एकत्रित करेंगे और सरकार की विभिन्न पहल के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। सभी विभागों से नोडल पदाधिकारी के नाम मांगे गए हैं और कृषि समेत कई विभागों में इसकी नियुक्ति भी कर दी गई है।
सरकार का मानना है कि विभागीय समन्वय और सुनियोजित कार्ययोजना के जरिए बिहार के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

Shiksha sevak ka bhi wetan man diya jaye sir