
पटना। बिहार में TRE-4 के तहत मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षकों की अपेक्षित रिक्तियां नहीं आने से शिक्षक अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसे लेकर पटना में शिक्षक अभ्यर्थी संघ और कंप्यूटर शिक्षक अभ्यर्थी नेताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया गया।
बैठक के दौरान अभ्यर्थी नेताओं ने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में यह आश्वासन दिया था कि राज्य के विद्यालयों में लगभग 26 हजार कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली की जाएगी। हालांकि TRE-4 में जो रिक्तियां सामने आ रही हैं, उनमें मध्य विद्यालयों के लिए कंप्यूटर शिक्षकों की संख्या नगण्य है। जिससे अभ्यर्थियों में आक्रोश है।
शिक्षक अभ्यर्थी संघ के नेता ने कहा कि सरकार अपने ही वादों से पीछे हटती नजर आ रही है, जो शिक्षा और रोजगार दोनों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली नहीं होना सीधे तौर पर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है।
अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि निजी विद्यालयों में बच्चे पांचवीं-छठी कक्षा से ही कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान और आईटी स्किल्स सीखना शुरू कर देते हैं, जबकि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को माध्यमिक स्तर तक कंप्यूटर शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है। इससे डिजिटल डिवाइड और गहराता जा रहा है।
शिक्षक अभ्यर्थियों ने मांग की कि सरकार एक स्पष्ट रेजोल्यूशन पारित कर यह तय करे कि मध्य विद्यालयों में बड़े पैमाने पर कंप्यूटर शिक्षा लागू की जाएगी और इसके लिए पर्याप्त संख्या में कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली की जाएगी।
बैठक में अभ्यर्थियों ने सरकार को 25 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समयसीमा तक इस मुद्दे पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो पटना में एक बड़ी बैठक बुलाकर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
