मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित बिहार मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में कुल 41 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक के फैसलों को राज्य के विकास और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कैबिनेट के निर्णयों में कृषि, शिक्षा सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में नए पदों के सृजन और पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई है, जिससे बिहार के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के अवसर बढ़ेंगे।

सबसे बड़ा फैसला कृषि विभाग से जुड़ा रहा। मंत्रिपरिषद ने कृषि विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 534 पदों के सृजन और पुनर्गठन को मंजूरी दी है। इसके साथ ही पौध संरक्षण निरीक्षक के 160 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इस तरह कुल 694 पदों के सृजन का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का मानना है कि इससे कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों तक योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा।
कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ा एक अहम निर्णय भी लिया गया। मुंबई में बिहार भवन के निर्माण के लिए 314 करोड़ 20 लाख 59 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे महाराष्ट्र में रहने वाले बिहारवासियों और वहां सरकारी कार्यों के संचालन में सुविधा मिलेगी।
शिक्षा विभाग के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जन शिक्षा निदेशालय में विभिन्न श्रेणियों के 9 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिससे शिक्षा प्रशासन को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से न केवल प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर, नीतीश कैबिनेट के ये निर्णय विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
