


















मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बिहार सरकार के तेज तर्रार आईएएस अधिकारी रहे डॉ. एस सिद्धार्थ किलकारी बाल भवन पहुंचे। उनके आगमन से किलकारी का माहौल उत्सवमय हो गया। इस दौरान डॉ. सिद्धार्थ ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनकी रुचियों, शौक और गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। बच्चों में उत्साह देखते ही बन रहा था और संक्रांति का मौका होने के कारण पतंगबाजी चर्चा का मुख्य विषय बन गई।
बच्चों ने जब पतंग उड़ाने की इच्छा जाहिर की, तो डॉ. सिद्धार्थ ने इसे केवल खेल तक सीमित न रखते हुए इसे सीख और सुरक्षा से जोड़ दिया। उन्होंने बच्चों को पतंगबाजी के सही तरीके, संतुलन, धैर्य और टीमवर्क के महत्व के बारे में बताया। पतंग कैसे उड़ाई जाए, डोर को कैसे संभालें और हवा की दिशा को समझकर कैसे पतंग को नियंत्रित करें—इन सभी बातों पर उन्होंने आसान भाषा में टिप्स दिए।
इस मौके पर डॉ. सिद्धार्थ ने विशेष रूप से चाइनीज मांझे के खतरों पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों को बताया कि चाइनीज मांझा न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि बेहद जानलेवा भी है। इससे इंसानों, पक्षियों और राहगीरों को गंभीर चोट लग सकती है। कई बार यह मांझा गले, हाथ या चेहरे पर कट लगाकर जान तक ले सकता है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे कभी भी चाइनीज मांझे का इस्तेमाल न करें और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें।
डॉ. सिद्धार्थ ने बच्चों को सूती और सुरक्षित मांझे के इस्तेमाल की सलाह दी और कहा कि त्योहारों का आनंद तभी सार्थक है, जब वह सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से मनाया जाए। किलकारी में उनकी यह पहल बच्चों के लिए सीख और मनोरंजन का अनूठा संगम साबित हुई। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने डॉ. सिद्धार्थ का धन्यवाद किया और सुरक्षित पतंगबाजी का संकल्प लिया।
