विदेश यात्रा से लौटने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में लगातार दूसरे दिन राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक की। यह बैठक पार्टी संगठन को मज़बूत करने, जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और नीतीश सरकार के खिलाफ आक्रामक राजनीतिक रणनीति तैयार करने पर केंद्रित रही। तेजस्वी के सरकारी आवास एक पोलो रोड पर हुई इस बैठक में सांसदों, विधायकों, राष्ट्रीय पदाधिकारियों और प्रदेश स्तर के चुनिंदा नेताओं समेत करीब सौ लोग शामिल हुए।
बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने तेजस्वी यादव को विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारणों पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में संगठनात्मक कमजोरियों, समन्वय की कमी और कथित भितरघात की भूमिका पर भी चर्चा की गई। नेतृत्व स्तर पर इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए आगे की रणनीति तय करने का संकेत दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में पार्टी को बूथ स्तर तक सक्रिय करने, जनसंपर्क अभियानों को तेज करने और आगामी बिहार यात्रा की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श हुआ। तेजस्वी यादव ने नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि राजद को फिर से संगठित कर जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा। इसके साथ ही सरकार को सदन के भीतर और सड़कों पर लोकतांत्रिक तरीके से घेरने की योजना बनाई गई।
इस बैठक को शुक्रवार को हुई संसदीय दल की बैठक से अधिक व्यापक माना जा रहा है, क्योंकि इसमें संगठनात्मक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि आने वाले समय में सक्रिय विपक्ष की भूमिका निभाकर राजद न केवल सरकार की नीतियों को चुनौती देगा, बल्कि जनता के बीच अपनी पकड़ भी मजबूत करेगा।

