पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म के मामले ने राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए अब यह मामला पटना उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। इस प्रकरण में पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने पुलिस जांच की निष्पक्षता पर गंभीर आपत्ति जताते हुए उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की है।

अधिवक्ता मणि प्रताप सेंगर का आरोप है कि मामले की प्राथमिक जांच में स्थानीय पुलिस द्वारा लापरवाही बरती गई। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर महत्वपूर्ण साक्ष्यों की अनदेखी की गई, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को ठीक से संकलित नहीं किया गया और जांच प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं हुआ। इन कथित चूकों के कारण पीड़ित पक्ष का स्थानीय पुलिस और राज्य जांच तंत्र से भरोसा पूरी तरह समाप्त हो गया है।
ईमेल के माध्यम से भेजे गए आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह मामला केवल एक आपराधिक घटना भर नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर महिला सुरक्षा और संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है। ऐसे संवेदनशील और गंभीर अपराधों में यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं होती, तो इससे न्याय प्रक्रिया पर आम जनता का विश्वास कमजोर होता है।
इन्हीं आधारों पर पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित करते हुए विधिवत आवेदन प्रस्तुत किया गया है। आवेदन में स्पष्ट रूप से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की गई है, ताकि मामले की सच्चाई बिना किसी दबाव या प्रभाव के सामने आ सके। आवेदन में यह तर्क दिया गया है कि एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी द्वारा की गई जांच से ही पीड़िता को वास्तविक न्याय मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
इसके साथ ही, वैकल्पिक रूप से न्यायिक जांच कराने का भी अनुरोध किया गया है। अधिवक्ता का कहना है कि यदि सीबीआई जांच किसी कारणवश संभव न हो, तो किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया जाना चाहिए। इससे जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित होगी और दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जा सकेगा।
फिलहाल, इस आवेदन पर पटना हाईकोर्ट के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यह मामला न केवल पीड़िता के न्याय से जुड़ा है, बल्कि राज्य में महिला सुरक्षा और जांच व्यवस्था की विश्वसनीयता की भी एक अहम परीक्षा माना जा रहा है। मणिभूषण प्रताप सेंगर ने इस पूरे मामले में ईमेल के माध्यम बिहार के मुख्यमंत्री,गृह मंत्री बिहार के मुख्य सचिव के अलावा डीजीपी और पटना के एस एसपी को भी जानकारी दी है।
