पटना में अपराध और गैंगवार पर लगाम कसने के अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कुख्यात अपराधी परमानंद यादव को बुधवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मसौढ़ी थाना क्षेत्र के एनएच-22 पर हुई इस कार्रवाई में परमानंद यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में दबोच लिया गया। फिलहाल उसका इलाज पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।



पुलिस के मुताबिक, परमानंद यादव बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों में 36 से अधिक संगीन आपराधिक मामलों में वांछित है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। लंबे समय से फरार चल रहा परमानंद यादव पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी।
पटना पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार प्रभारी बताए जाने वाला परमानंद यादव किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के इरादे से पटना पहुंचा है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया और तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। इसके बाद उसकी गतिविधियों और संभावित लोकेशन पर लगातार नजर रखी जाने लगी।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बुधवार देर रात परमानंद यादव मसौढ़ी थाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाला है। सूचना पुख्ता होने के बाद एनएच-22 पर चेकिंग अभियान शुरू किया गया और संभावित रास्तों पर नाकेबंदी कर दी गई। देर रात लाला बीघा गांव के पास पुलिस को एक पल्सर बाइक आती दिखाई दी। बाइक की गतिविधि संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया।
खुद को पुलिस से घिरा देख परमानंद यादव ने बाइक रोकी और अचानक कमर से पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली परमानंद यादव के पैर में लगी और वह सड़क पर गिर पड़ा।
मौके का फायदा उठाते हुए पुलिस ने उसे काबू में कर लिया और उसके पास से हथियार बरामद किए। मुठभेड़ में किसी भी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन भी चलाया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसके साथ कोई अन्य अपराधी मौजूद न हो।
पुलिस के अनुसार, परमानंद यादव मूल रूप से झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के चटेर गांव का निवासी है। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़कर बिहार में रंगदारी और संगठित अपराध का नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसके नेटवर्क, सहयोगियों और संभावित साजिशों की जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों का दावा है कि इस गिरफ्तारी से पटना और आसपास के इलाकों में अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
