मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को एक अहम साक्ष्य हाथ लगा है। SIT की अब तक की जांच में यह सामने आया है कि छात्रा ने नींद और एंटी-डिप्रेशन से जुड़ी दवाएं जहानाबाद से खरीदी थीं। यह दवाएं उसने 26 दिसंबर को खरीदी थीं और 5 जनवरी को अपने साथ लेकर पटना पहुंची थी।

सूत्रों के अनुसार, छात्रा ने जहानाबाद स्थित एक दवा दुकान से एंटी-डिप्रेशन की गोलियां कुल छह पत्ते खरीदे थे। SIT ने दवा के बैच नंबर के आधार पर संबंधित मेडिकल स्टोर की पहचान कर ली है और वहां तक पहुंच गई है। दवा दुकान से जुड़ी जानकारी और बिक्री से संबंधित विवरण को SIT ने अपने जांच रिकॉर्ड में शामिल कर लिया है। बताया जा रहा है कि इस तथ्य की जानकारी छात्रा के परिजनों को भी पहले से है।
SIT सूत्रों के मुताबिक, अब इस कड़ी में छात्रा के परिजनों से भी विस्तार से पूछताछ की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि छात्रा किस मानसिक स्थिति से गुजर रही थी और दवा खरीदने के पीछे की वजह क्या थी। जांच में यह भी सामने आया है कि 26 दिसंबर को छात्रा पटना से जहानाबाद गई थी। उसे लेने के लिए उसके पिता, मां और अन्य परिजन पटना से जहानाबाद पहुंचे थे। सभी लोग किराए की स्कॉर्पियो गाड़ी से 26 दिसंबर को पटना से जहानाबाद गए थे।
परिजनों के साथ समय बिताने के बाद छात्रा जब पटना लौटी, तो वह अकेले ही पटना पहुंची और सीधे हॉस्टल चली गई। SIT की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि पटना में छात्रा के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती, छेड़छाड़ या किसी घिनौनी हरकत के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। जांच एजेंसी इस पहलू को भी ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल SIT एम्स से मिलने वाले सेकंड ओपिनियन और पटना स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इन दोनों रिपोर्टों के आने के बाद जांच की दिशा और तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। SIT का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाएगा।
